भोजपुरी

आजादी से अब ले आठवीं अनुसूची ला बाट जोहत भोजपुरी के नीमन दिन नियराल बा का ?

लखनऊ में शनिवार  दिनांक १२ नवम्बर के भोजपुरी अध्ययन शोध केंद्र के कार्यक्रम में बोलत वक्त गृहमंत्री राजनाथ सिंह कहनी कि भोजपुरी बोले वाला से पूछल जाई त उ कही की  ना हमरे के आटा चाही, ना हमरे के डाटा चाही, हमनी के पाकिस्तान में सन्नाटा चाही , ओकरा साथे साथे उहाँ के कहनी की हम भोजपुरी के सम्मान करीले आ भोजपुरी फिल्म भाषा के आगे बढ्वले बा। हमार सरकार…

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बोखार कईसन –कईसन ?

         बोखार कईसन–कईसन ? एह समय बोखार के सीजन चलत बा | कबो मौसम के बदलाव त कबो मच्छर के काटला से होखेवाला बोखार खूब देखे के मिळत बा |बोखार में कवनो भी गोली खाए से पहिले बोखार कवन तरह के बा ई अगर जान लिहल जाई त आसानी से बोखार से निपटल जा सकत बा | बोखार का ह …? जब हमनी के शरीर पर कवनो…

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पूर्वांचल के संस्कृति के अनुरूप रचल बा “गीत – गगन”

शिवालिक प्रकाशन , दिल्ली से छपल “ गीत – गगन ” जवन श्री देवेन्द्र नाथ तिवारी के सम्पादन मूल रूप से गीत आ गजल संग्रह ह । डॉ. जौहर शफियाबादी भोजपुरी साहित्य में एगो मजबूत खम्भा के नाम ह जे मजबूती से भोजपुरी भाषा – साहित्य अउरी भोजपुरी मान्यता आन्दोलन के दिशा देवे में आपन अग्रणी भूमिका निभवले बानी आ अभियो निभावत बानी । “ गीत – गगन ” के रचनाकार…

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कातिक पूर्णिमा : प्रकाश के आनन्द

केशव मोहन पाण्डेय ;दिल्ली ; कातिक महीना सबसे पुण्य महीना कहल जाला। कातिक में विविध उत्सव आ परब-त्यौहार मनावल जाला। धनतेरस जहाँ लक्ष्मी माई के आराधना  के दिन ह, ऊँहवे दिवालिओ के लक्ष्मी-गणेश जी के पूजा कइल जाला। भाई-दूज के बाद चित्रगुप्त पूजा, छठ-पूजा, तुलसी-विवाह  बाद कातिक-पूर्णिमा के स्नान। ई सब पूजा-आराधना अलगा-अलगा बहाना के साथवे लक्ष्मी-पूजन के मनसा व्यक्त करत रहेला। साल का आठवां महीना कार्तिक महीना हवे। साल…

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भोजपुरी मंथन के आधार-पत्र

जब से आदमी के अस्तित्व मानल जाव, तब से भाषा के उपयोग हो ता। उपयोग चाहे ध्वनि के रूप में होखे, चाहे संकेत के रूप में आ चाहे कवनो अऊरी रूप में, भाषा के महातम कबो कम नइखे हो सकत। भाषा तऽ बोलचाल के माध्यम हऽ, हर भाव के संप्रेषण के माध्यम हऽ। भाषा के अभाव में केहू अपना मन के कवनों भाव नइखे व्यक्त कर सकत। एकरे कारन आदमी…

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