भोजपुरी लघु सिनेमा पर एगो नज़र

bhojpuri manthan
May 21, 2018

सिनेमा आदमी, समाज आ सामाजिक वातावरण के बदल देले बा। ई वैचारिक क्रांति के एगो सशक्त माध्यम बनके उभरल बा। भारत में सिनेमा के शुरूआत स्व॰ श्री दादा साहेब फाल्के द्वारा सन् 1913 ई॰ में कइल गइल रहे। शुरुआत में खाली गूंगे फिल्म बने, धीरे-धीरे एमें आवाजो दियाए लागल आ रंगीनों हो गइल। सिनेमा के तकनीक आज बहुत जादा विकसित बा । फोटोग्राफी, स्पेशल इफ़ेक्ट, कहानी, पटकथा, संवाद, संगीत आ…

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भोजपुरी के पारस : पं. धरीक्षण मिश्र

dhari
March 25, 2018

जब से सृष्टिकर्ता सृष्टि के रचलें तब से भाव अउरी विचार के अभिव्यक्त करे के मानवीय लालसा अलग अलग रूप में जनम लेहलस । मुंशी प्रेमचंद जब ई कहत बाड़े कि जवना साहित्य से हमरा में रुचि ना जागे, आध्यात्मिक अउरी मानसिक तृप्ति ना मिले, हमरा में गति अउरी शांति पैदा ना होखे, हमरा मे सौन्दर्य प्रेम ना जागृत होखे, जवन हमनी के सच्चा संकल्प अउरी कठिनाई पर विजय पावे…

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बसंत पंचमी : प्रगति के मनसा आ लक्ष्य निर्धारण के दिन

bhojpurimanthan
January 22, 2018

पाला पड़त होखे आ बुझाय की अब जाये वाला बाटे ,मने हर दिन कुछ नाया लागे अउरी मन में कुछ आस जगावे ,मन घर से निकले के ना करत होखे बाकिर प्रकृति से प्रीत के बाण करेज में बेधत होखे ,आम के गाछ पर मोजर चढ़े लागल होखे ,पलास के फूल मन मोहत होखे त ई मौसम बसंत के आगमन के होला ।बसंत जब आवे ला त अपना संगे प्रीत…

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मकर-संक्रांति पर खिचड़ी के खींचखाँच

bhojpurimanthan
January 13, 2018

खिचड़ी खइला पर पेट के कवनो हानि ना उठावे के पड़ेला। एहीसे हलुक भोजन शायदे कुछु दोसर होई। ई एगो लोकप्रिय भारतीय खाजू ह जवना के दाल आ चाउर के एक्के साथे उबाल के पकावल जाला। हमार माई हमे स्वादानुसार अउरिओ आइटम डालें। ई खिचड़ी पेट के रोगी लोग खातिर विशेष रूप से उपयोगी ह। ई त एकर पाचकीय आ औषधीय गुण भइल बाकिर भारतीय समाज के विराटता के दृष्टि…

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समुन्दर में समाधि लेत एगो देश

kiribati1
June 4, 2017

बात 2015 के ह, हमके अपना विद्यालय में एगो परियोजना पर काम करे के मौका मिलल। परियोजना पर्यावरणीय चिंतन पर रहे। पर्यावरणीय चिंतन पर कुछ काम करे करत हमके जलवायु परिर्वतन पर कुछ तथ्य प्रस्तुत करे के रहे। चिंता में सराबोर करे वाला तथ्य।लोग के सोचे पर विवश करे वाला तथ्य। जीवन के आशा आ उम्मिद के तथ्य। जीवन पर मँडरात ग्रहण के तथ्य। विचारन के उथल-पुथल के तथ्य आ…

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तीन साल के हाल-कमाल

modi-sarkaar
May 19, 2017

 मोदी सरकार के तीन साल हो गइल। पक्ष-विपक्ष में खूबे बतकही होत बा। केहू खाली उनका कपड़ा के रेट लगावत बा त केहू उनका विदेशी यात्रा के हिसाब लगावत बा। कई जने तऽ अपना करेंट अफेयर्स के झंडा लहरावे खातिर ईंहाँ ले डायरी बना लेहले बा लोग कि मोदी जी कवना देश में कवना हाॅल में आ केतना लोग के संबोधित कइले। मोदी जी कवना दिवस पर, कवना राष्ट्रीय उत्सव…

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भोजपुरी मंथन के आधार-पत्र

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November 14, 2016

जब से आदमी के अस्तित्व मानल जाव, तब से भाषा के उपयोग हो ता। उपयोग चाहे ध्वनि के रूप में होखे, चाहे संकेत के रूप में आ चाहे कवनो अऊरी रूप में, भाषा के महातम कबो कम नइखे हो सकत। भाषा तऽ बोलचाल के माध्यम हऽ, हर भाव के संप्रेषण के माध्यम हऽ। भाषा के अभाव में केहू अपना मन के कवनों भाव नइखे व्यक्त कर सकत। एकरे कारन आदमी…

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