कविता
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संत से अंतर ना हो नारद जी, संत से अंतर ना / टेकमन राम
संत से अंतर ना हो नारद जी, संत से अंतर ना।। टेक।।भजन करे से बेटा हमारा, ग्यान पढ़े से नाती,रहनी रहे से गुरु हमारा, हम रहनी के साथी।संत जेवेके तबहीं मैं जेइलें, संत सोए हम जागी,जिन मोरा संत के निन्दा…
आमवा से अमरित टपके/…
आमवा से अमरित टपके ,चह-चह चहके चिरइयाँ.महुआ सुगंध में मातल,कुकू…
आवे बसन्त दुअरिया /…
आवे बसन्त दुअरियामगन मन नाचले गोरिया।मधुरे पवन रस बेनियाँ डोलावेनदिया…
इकिसवी सदी में चलल…
इकिसवी सदी में चलल गांव देखींगरीबी लाचारी से भरल गांव…
गीत
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संत से अंतर ना हो नारद जी, संत से अंतर ना / टेकमन राम
संत से अंतर ना हो नारद जी, संत से अंतर ना।। टेक।।भजन करे से बेटा हमारा, ग्यान पढ़े से नाती,रहनी रहे से गुरु हमारा, हम रहनी के साथी।संत जेवेके तबहीं मैं जेइलें, संत सोए हम जागी,जिन मोरा संत के निन्दा…
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बलिदानी वीर भूमि/ प्रभास चन्द्र कुमार सिंह
जरासंध वीर जहाँ, रहले दलगीर जहाँ,बाटे राजगीर जहाँ, उहे बिहार हऽ । खुद भगवान जहाँ, लोहा गइले मान जहाँ,देख वीरता महान जहाँ, उहे बिहार ह5 | भीम गइले थाक जहाँ, कृष्ण दशा आँक जहाँ,कइले खर्ह दुई फाँक जहाँ, उहे बिहार…
धर्माचरण/ प्रभास चन्द्र कुमार सिंह
सिख मुसलमान जहाँ, इसाई हिन्दूवान जहाँ,रहत भी समान जहाँ, उहे बिहार ह5 | आदिवासी थारु जहाँ, उराँव संथारू जहाँ,चेरो खरवारू जहाँ, उहे बिहार हऽ । धार्मिक त्योहार जहाँ, उत्सव लोकाचार जहाँ,सौहार्द्र-व्यवहार जहाँ, उहे बिहार हऽ आपसी सद्भाव जहाँ, हेल-मेल भाव…