सपने में सखी साजन अईले/ कन्हैया प्रसाद तिवारी
सपने में सखी साजन अईलें, हमसे प्यार जतवलें
गोदी में बईठा के हमके, हँसि-हँसिके बतिअवलें॥
खुलल आँख त सेज बा सून, तूरलें प्यार के डोरी
दिल में धधके आग हमरा, मतिया के भरमवलें॥
लोर आँख से सूखत नईखे आँचर से लाज पोंछत बानी
आपन दरद के दिल में रखीं केकरा से हम करीं बयानी॥