जमीन पे नभ से उतर के आ गइलन।सफर के नाम कुछ कर के आ गइलन॥ ख्वाहिश रहे फूलन के खुश्बू के।झोली में काँटे भर के आ गइलन॥ मन में तमन्ना बा अमर होखे के।सभकरा नजर में मर के आ गइलन॥…
जन्म लेते पूत के उछाह से भरेला हिय, गज भर होइ जाला फूलि के ई छतिया। पाल-पोस के बड़ा करेला लोग पूत के आ, नीमने से नीमने…
कई बेर सांझी के बेराबँसवारी के ललचौंह में चुपचाप बइठलएगो छेड़ देईलाँ किस्सा कहनीअढ़उल के फूल के गप्पगुल्लर के पेड़ के अंतरंग अलापपृथिवी के शब्दहीनता के भावआत्मा…
अमृत नीक कहै सब कोई, पीय बिना अमर नहिं होई। कोई कहै अमृत बसै पताल, नर्क अंत नित ग्रासै काल।कोई कहै अमृत समुंदर माहिं, बड़वाअगिन क्यों सोखत…
ताल तलहटी, गाँव क रहटीकब फूटल किस्मत खोलेलाअब्बो ले सुपवा बोलेला। दिन में खैनी साँझ क हुक्काभोरे आइल साह क रुक्काखेती में जब भयल ना कुछहुअन्दाता फुक्के…
अबहूँ कुहुकिएके बोले ले कोइलिया, नाचेला मगन होके मोर।अबहुँ चमेली बेली फूले अधिरतिआ, हियरा में उठेला हिलोर।।अबहूँ अँगनवाँ में खेलेला बलकवा, कौआमामा चील्हिआ-चिल्होर।अबहूँ चमकिएके चलेले तिरिअवा ताकेले…
अबकी बार लतियावल जइब,गंगा में धकियावल जइब,संसद से घेंटियावल जइब,हाजत में सँठियावल जइब । खूब बढ़वल दाढ़ी-मोछ,हनुमान अस लमहर पोंछ,कइल ना जनता के सोच,चलते ठेहुन आइल मोच,सोंचला…
अब गीत लिखींकि रीति लिखींसभकर उगिललहम तींत लिखींअन्हरिया पअंजोरिया केछोटकी दियाके जीत लिखींहम मरम लिखींकि करम लिखींकि सभके जातआ धरम लिखींतिरछी नैनाजब बने कटारआपन हिया केहर भरम…
अपना अवकाद से बेसी,जोर लगाके,लइका के एम० ए० पास करा देहलीं,ई समझीं कि,बढ़ियात उफिनात नदी में,केहू तरी नाव पार लगा देहलीं,जूता टूट गइल,चप्पल घिस गइल,नोकरी खोजत,अपमान सहत,मन…
अधिगत जागल हो सजनी। खोजत-खोजत सतगुरु पावलताहि चरनवाँ चितवा लागल हो सजनी॥ साँझि समय उठि दीपक बारलकरमवा मनुबाँ पागल हो सजनी॥ चललि उबटि बाट, छुटलि दकल घाटगरजि…