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संयुक्त परिवार / केशव मोहन पाण्डेय

संयुक्त परिवार / केशव मोहन पाण्डेय

होखे कबो झगड़ाचाहे तकरारओहू में छलकेमाई-चाची के दुलाररहि-रहि सुनाला ओहिमेहुँशियारी, नादानीएक्के झगड़वा मेंदस गो कहानी।ऊ झगड़ा ना,रहे रिश्ता के जहानरोज नया रचे-बसेउघटा-पुरान।केहू पूछेमिले केहू से जवाबतबो सब पर चलेसबके हाँक-दाब।कहे माईमत करऽनया-नया खेलछुछुन्नर के माथेचमेली के तेल।रचि-रचि करें धनिसोरहों सिंगारसगरे…

सभे परेसान बाटे/ रामपति रसिया

सभे परेसान बाटे/ रामपति रसिया

ByadminSep 27, 20241 min read

सभे परेसान बाटे कहीं-न-कहीं सेकेहू धनवान बा त बाटे निसन्तानीदेवे वाला नइखे केहू मुअलो पर पानीजीवन कठिन बाटे चलला सही से adminbhojpurimanthan.com/

सब लोग देहात से जात बाड़े शहर/ प्रभुनाथ उपाध्याय

सब लोग देहात से जात बाड़े शहर/ प्रभुनाथ उपाध्याय

ByadminSep 27, 20241 min read

सब लोग देहात से जात बाड़े शहर।हर केहू पकड़ले बाऽ एगही डहर॥ गँउआँ में नाही केहू रहे चाहतसब केहू बतिया एगही कहत।एही से गाँवन में भइल बाटे…

सफलता आ उन्नति के राज – निशा राय

सफलता आ उन्नति के राज – निशा राय

ByadminSep 27, 20241 min read

खादी के कुर्ता केमिजाज आज बदलल बासफलता आ उन्नति केराज आज बदलल बा। फेल जे होगइलींसलाना इम्तहान मेंउतर जाईं छात्रसंघ केचुनाव मैदान में। तन पे हो कुर्ताऔर…

सपने में सखी साजन अईले/ कन्हैया प्रसाद तिवारी

सपने में सखी साजन अईले/ कन्हैया प्रसाद तिवारी

ByadminSep 26, 20241 min read

सपने में सखी साजन अईलें, हमसे प्यार जतवलेंगोदी में बईठा के हमके, हँसि-हँसिके बतिअवलें॥ खुलल आँख त सेज बा सून, तूरलें प्यार के डोरीदिल में धधके आग…

सपना/ आचार्य महेंद्र शास्त्री 

सपना/ आचार्य महेंद्र शास्त्री 

ByadminSep 30, 20241 min read

रात सपना में देखनी उद्धार भइल रे ।गली में गलीज नैखे साफ सभ ओर घर दुआर भइल रे ।गन्दगी से रोग होखे उहे बनल खादर बेड़ापार भइल…

सपना / केशव मोहन पाण्डेय

सपना / केशव मोहन पाण्डेय

हमहूँ सपना देखेनीसपनवे ओढ़ेनीसपनवे बिछावेनी,पेट के क्षुब्धासपनवे से मेटावेनी।सपने से चलत सँसरी बाजेकरा लगे सपना नइखेओकर जिनगी तऽजीअतके में फँसरी बाऽ।हमरा लगेझोरा भर के सपना बासपना के…

संत से अंतर ना हो नारद जी, संत से…

संत से अंतर ना हो नारद जी, संत से…

Byटेकमन रामApr 2, 20251 min read

संत से अंतर ना हो नारद जी, संत से अंतर ना।। टेक।।भजन करे से बेटा हमारा, ग्यान पढ़े से नाती,रहनी रहे से गुरु हमारा, हम रहनी के…

सगे भाई की तरे/ रामबहादुर ‘अधीर पिंडवी’ 

सगे भाई की तरे/ रामबहादुर ‘अधीर पिंडवी’ 

ByadminSep 30, 20241 min read

सबकी दुख सुख में रहीं सगे भाई की तरे ।तबो अरिया चलावे लोग कसाई की तरे ।। धरती की लोगवा के सुख पहुँचाई ।देके दवाई सबके रोगवा…

सखी हमरो बलम/ यमुना तिवारी ‘व्यथित’

सखी हमरो बलम/ यमुना तिवारी ‘व्यथित’

ByadminOct 4, 20241 min read

सखी, हमरो बलम,कारखाना में काम करेलन । कारखाना जाइ के लोहा बनावेलन,लोहा बनाई देश आगे बढ़ावेलन,देश के खातिर पसीना बहावेलन,देशवा के खातिर जीवन अपरन ।सखी, हमरो बलम…

कविता/ गीत / गज़ल - भोजपुरी मंथन - Page 3