ई दुनिया भरसांय हहम बरतन हईंमाई लेवकन हियहर बार उहे जरे लेहमार चमक बनल रहेला प्रमोद कुमार तिवारी
हमहूं लूटीं तेहू लूट।दूनो पहिने मंहग सूट। उपर वाले के भी खियाव।अपने पीअ आ उनके पियाव।अईसे जो कईले जईब तरिश्ता हरदम रही अटूट।हमहूं लूटीं तेहू लूट। अंगरेजन…
कविता में हम छींकब सगरो कविता में हम खोंखबलाग रहल बा तब जाके हमहूँ सम्मानित होखब। हम का जानी साहित्य ह का, का होखेला ई भाषाबाकिर जे…
हमहुँ माटी के दीआ बनइती।दिअरी के दीआ जरवतीं।। खेत पटवती ,अलुई बोअतीकाश हमहुँ गाँवे रहतीं।। धुरा धकर फाँकत सहर मेंखाक में मिलल सपना बतवती।। सुनहला इयाद के अनुभवगाँवे सभे…
मधेश हमर आन बा मधेश हमर मान रेशान एकर उँचा रहे हमर इहे अरमान रे कोशी, गंडकी, कर्णाली, मेची से महाकालीचुरिआ से तराई ले रूप एकर निरालीथारू…
जब देखीं भितरी दरपन मेंतूँ लउकेलऽ, हमरा जगहाहम तोहरा, तूँ हमरा मन में ! नीमन बाउर कुछ न बुझालारीझत खीझत मन अझुरालाहोके बेकल, खिंचि खिंचि जाईहम तोहरा लसोर…
हम त शहर में गाँव के जिनिगी बिताइलेमनमीत जहँवाँ पाइले हहुआ के जाइले भाई भरत के भाव मन में राम रूप लासत्ता के लात मार के नाता…
हम खोज रहल बानीकविता !भरल बा हमार पेट,आ पेन्हले बानी हमनयका कुरताबइठल बानी नयका कोठी में।बाकिर,कविता त सुखाइल,पेट-पीठ एक भइलआदमीजेकरा माथ परबजरत-ढहत आसमान बा,गोरतर खरकटल जमीन बाटे,के लगे…
सीता उहाँ गुरुदेव से पूछति,कइसन वीर महीपत बानेकाहे बदे वन युद्ध छिड़ा,जवना में मोरा ललना रत बानेआवत ना हिय चैन मोरा,दिन-राति वियोग में बीतत बानेलोग बतावेला रोज…
कइसन बा राउर विधान हो विधाताधक्-धक् करेला परानपनियां सपनवा मोहाल बा पतउवादागि-दागि पेट रही जाले बचउवाछुप गईले केतनन क चान हो विधाता, धक्-धक् करेला परान। डकरेले गोरुवा…