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आजाद तितली/ बब्लु सिंह

adminSep 25, 20241 min read

जा तितली जा उड़ जा तू,एह दिल के दुवारी से…हक़ बुझाता नइखे अब,कि तोहके रखी बरिआरी से !! ए तितली जा उड़ जा तू,एह दिल के दुवारी से……….. समय बावे खराब त तोहके,नइखी हम समझा सकत,ताहरा बिना जग सुना लागे,नइखी हम बतला सकत !…

ई बता दऽ भइया / कनक किशोर

adminSep 26, 20241 min read

गीत कवित हम का जानीं भइयापानी बिनु बे पानीजल, जंगल, जमीन से बेदखलखोजत बानीं पानीकहँवा गइल नदी सरोवर ?ई बता दऽ भइया। राज – पाट जेहि हाथ के दिहनींलूटे दूनों हाथेपक्ष – विपक्ष अब रहल कहाँ जीसब कुर्सी के साथेकहँवा…

तोहरा मन पड़ते मनवा मगन हो गइल / गुलरेज़ शहज़ाद

तोहरा मन पड़ते मनवा मगन हो गइलकारी रतिया सोहागिन नियन हो गइल आरती के बरल दीप लागेलू तूतोहरा देखि के पावन नयन हो गइल बिना मतलब के कतहूँ निहारत रहेरूप में रब निहारत ई मन हो गइल रूप पानी में…

भोजपुरी के अपनावल सीखा / राम बहादुर राय

adminOct 1, 20241 min read

झूठहीं सपना देखावल छोड़ाधरती गगन लिखावल छोड़ा। अहंकार से भरले बाड़ा बबुआहमके अउर सीखावल छोड़ा। हमनी के भाषा भोजपुरी हवेएकरा के तूहूं अपनावल सीखा। हर जगह मोह माया भरल बाटेअंग्रेजी के माया से उपर होखा । अब तक जवन कईला…

जवाहिर लाल/ झुन्नी लाल

adminOct 4, 20241 min read

जवाहिर लाल दिहलन गरीब दुख टारी ।बहुत दिनन से गुलामी रहे जारी । सेकरा के कइलन उजारी || जवा०भइया गरीब के कटल दुख भारी | नाया-नाया कानून देखऽ कइलन जारी ॥ जवा०बापू – पथ चलि के कइलन उपकारी । देस…

कविता

  • माटी के अँजोर / जितराम पाठक

    सूप भरि रूप केसनूख भरि सोहुआ मेंसानल सनेहिया सलोरआन अवरू अपना केनेह-नाता गरगटलहना के बाटुरे बटोर।सोनवा के जाल मेंघेराइल सारी दुनियायोग के वियोग में पेराइल सारी दुनियाकिरन के बानकेहू मारेला अनेरियामाटी के सुवास छिलरावेला अहेरियादेहिया के नाता नधले बाझकझोरियाअन्हरा के…

आपन हमदर्द/ दीपक तिवारी

आपन हमदर्द/ दीपक तिवारी

माई जइसन,प्यार करे,ना करि केहू,आपन हमदर्द,चाहें केतनो, होई सेहूँ। माई…

आमवा से अमरित टपके/…

आमवा से अमरित टपके/…

आमवा से अमरित टपके ,चह-चह चहके चिरइयाँ.महुआ सुगंध में मातल,कुकू…

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आवे बसन्त दुअरिया /…

आवे बसन्त दुअरियामगन मन नाचले गोरिया।मधुरे पवन रस बेनियाँ डोलावेनदिया…

आस सगरी गरीबन कऽ…

आस सगरी गरीबन कऽ…

जइसे पपिहा कऽ जिनगी सेवाती हवेआस सगरी गरीबन कऽ थाती…

गीत

  • माटी के अँजोर / जितराम पाठक

    सूप भरि रूप केसनूख भरि सोहुआ मेंसानल सनेहिया सलोरआन अवरू अपना केनेह-नाता गरगटलहना के बाटुरे बटोर।सोनवा के जाल मेंघेराइल सारी दुनियायोग के वियोग में पेराइल सारी दुनियाकिरन के बानकेहू मारेला अनेरियामाटी के सुवास छिलरावेला अहेरियादेहिया के नाता नधले बाझकझोरियाअन्हरा के…

आदमी के हाथ में जब नाथ…

आदमी के हाथ में जब नाथ…

आदमी के हाथ में जब नाथ बाटेतब कवन…

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ऋतु गीत

कुहुकि-कुहुकि कुहकावे कोइलिया,कुहुकि-कुहुकि कुहुकावे।। पतझड़ आइल, उजड़ल बगिया,मधु…

का कहीं

का कहीं

तार तार लूँगा बा, झूला बा, का कहीं ?देहिं…

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गीत-गजले सुनाइब/ रामेश्वर प्रसाद सिन्हा ‘पीयूष’

गीत-गजले सुनाइब/ रामेश्वर प्रसाद सिन्हा ‘पीयूष’

adminOct 4, 20241 min read

जहँवा जे पाइब, हिया से लगाइब,हँस-हँस के ना ।गीत – गजले सुनाइब, हँसि-हँस के ना । रहता के बिन-बिन कँटवा हटाइब,हँस-हँस के ना ।फूल अनघा बिछाइब, हँस-हँस के ना । सिसवा के टुकड़ा गिरल जे, उठाइब,हँस-हँस के ना ।ओके अएना…

माइयो के बोलवले आई / बृजमोहन प्रसाद ‘अनारी’

माइयो के बोलवले आई / बृजमोहन प्रसाद ‘अनारी’

adminOct 4, 20241 min read

पीयर जनेउवा वालाऽ, पीयरे खंरउवाँ वालाऽ,आरे बाबा हथिया के सूढ़ लटकवले आई.माइयो के बोलवले आई………. दाँये शुभऽ बाँये लाभऽ, आगे रिधि पाछे सिधि,आरे बाबा शुभ के सनेश भेजववले आई,बाबूओ के लिअवले आई………. फलऽ मोतीचूर खातऽ, पान खाके मुसुकातऽआरे बाबा मुसवा…